कानपुर कमिश्नरेट थाना हरवंश मोहाल पुलिस कर्मियों द्वारा पत्रकार का अनैतिक उत्पीड़न, नेशनल मीडिया प्रेस क्लब द्वारा दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही किए जानें की मांग

कानपुर कमीशनरेट अन्तर्गत थाना हरवंश मोहाल पुलिस कर्मियों द्वारा पत्रकार का उत्पीड़न का एक मामला सामने आया है जहां वर्दी का नशा व पद का धौंस दिखाकर पुलिस कर्मियों ने न केवल पत्रकार के साथ गाली गलौज की बल्कि अमानवीय कृत्य भी किया गया, पत्रकार की पीड़ा का नेशनल मीडिया प्रेस क्लब कमेटी ने जब सुनी और दिए गए शिकायती पत्र पर नजर डाली तो संगठन जिलाध्यक्ष अमित कुमार अपनी टीम के साथ कानपुर जिलाधिकारी व पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे और लिखित में पत्र सौंपकर की दोषी कर्मियों पर कार्यवाही की मांग उठाई।

पुलिस आयुक्त द्वारा पूर्ण आश्वासन दिया गया कि निश्चिंत ही उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जॉच होगी और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही की जायेगी। आइए आपको पूरी जानकारी विस्तार से देते हैं, उक्त मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर कमिश्नरेट का है जहां पब्लिक स्टेटमेंट के पत्रकार दिग्विजय सिंह ने नेशनल मीडिया प्रेस क्लब को लिखित सूचना दी थी कि 5 अगस्त 2025 को शाम 4 से 5 बजे के बीच घंटाघर चौराहे पर हरबंस मोहाल थाना अंतर्गत बनी थाना/चौकी सूतर खाना के पास पान की दुकान पर दो पक्ष पैसे के लेनदेन पर आपस में विवाद कर रहे थे जिस पर विवाद न बढ़े इस उद्देश्य से मानवता के आधार पर पत्रकार दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कौशिश कर रहा था तभी चौकी से निकलकर आए थानाध्यक्ष विक्रम सिंह व सिपाही दीपक एवं एक दरोगा मोनू शर्मा द्वारा विवाद कर रहे दोनो पक्षों के साथ मारपीट करते हुए थाने ले गए, साथ में पत्रकार दिग्विजय सिंह के साथ जान बूझकर गाली गलौज की, इतना ही नहीं बल्कि झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने व थाने की खबरें प्रकाशित न करने की धमकी भी दी,

उक्त दोनो पक्षों के विवाद में पत्रकार का नाम जोड़ा गया जबकि विवाद कर रहे दोनों पक्षों ने थाने में बोला कि उक्त पत्रकार हम दोनों का जानने वाला है और हम दोनों का समझौता करा रहा था इसके बावजूद धारा 151 में दोनों पक्षों के साथ साथ पत्रकार का भी चालान कर दिया गया, इतना ही नहीं बल्कि पत्रकार के साथ अनैतिक व अमानवीय व्यवहार किया गया।

उसे उक्त आरोपियों के साथ रात भर थाने में बिठाकर रखा गया, पत्रकार की पत्नी द्वारा हार्ट का मरीज होने की जानकारी थानाध्यक्ष को देने के बावजूद भी पुलिस ने दवा नहीं खाने दी जबकि विगत 10 दिन पहले ही कानपुर कार्डियोलॉजी अस्पताल से पत्रकार छुट्टी कराकर घर आया था। पत्रकार के सीने में तेज दर्द उठने पर हालात बिगड़ते देख पत्नी दवा खिलाने के लिए पुलिस के सामने गिड़गिड़ाती रही लेकिन दवा नही खाने दी गई, तब पत्रकार की पत्नी द्वारा नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के हेल्पलाइन पर फोन करके सूचना दी और सहयोग मांगा, जब संगठन की ओर से कुछ पत्रकार एसीपी कलेक्टर गंज कार्यालय पहुंचे और यथा स्थिति से अवगत कराया तब जाकर दवा खाने को दी गई, पुलिस का पत्रकार के साथ ऐसा अमानवीय कृत्य व अपराधी की तरह बर्ताव कई प्रश्नचिह्न खड़ा करता है, दुर्भाग्य की बात है कि ऐसे जनताकी सुरक्षा करने वाली पुलिस के कुछ कर्मचारी बदले की भावना से कार्य करते है और वर्दी व पद का गलत इस्तेमाल करते हैं, साथ में दवा न खाने देना, ऐसा अनैतिक व गैर जिम्मेदाराना कार्य जिससे पत्रकार की जान भी जा सकती थी,
नेशनल मीडिया प्रेस क्लब जिलाध्यक्ष अमित कुमार की अगुवाई में ऐसे पुलिस कर्मियों पर कार्यवाही किए जानें हेतु पुलिस आयुक्त महोदय को पत्र सौंपकर सीसीटीवी चेक कराते हुए कार्यवाही किए जानें की मांग की गई, और जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री महोदय को संबोधित ज्ञापन भी सौंपा गया। पुलिस आयुक्त महोदय ने आश्वासन दिया कि उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जायेगी, नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के जिलाध्यक्ष अमित कुमार ने कहा कि किसी भी पत्रकार का उत्पीड़न नेशनल मीडिया प्रेस क्लब नहीं सहेगा, हमारा संगठन किसी अपराधी का साथ नहीं देता हैं लेकिन यदि कोई निर्दोष पत्रकार की कलम को दबाने कार्य करेगा तो हम पत्रकार की आवाज बनकर उसके साथ खड़े होंगे और विरोध जताएंगे, पुलिस विभाग को ऐसे पुलिस कर्मियों को समझाने व सुधारने की आवश्यकता है जो अपनी वर्दी के नशे में गलत व्यवहार करते हैं और बदनाम पूरा पुलिस प्रशासन होता है। देश का हर नागरिक अपराध रोकने व जन सहयोग में अपना कर्तव्य निडरता से कर सके ऐसा माहौल देना शासन प्रशासन का कर्तव्य है। क्योंकि गलत का विरोध करना, आपसी विवाद में समझौता कराना कोई अनैतिक व गैर कानूनी कार्य नही होता है यदि अपराध रोकने में भागीदारी निभाने वालों पर पुलिस उल्टा कार्यवाही करेगी तो सामाजिक तौर पर एक दूसरे की मदद कोई नहीं करेगा । ऐसा बर्ताव पुनः न हो इसलिए उक्त पुलिस कर्मियों को सबक सिखाना नितांत आवश्यक है। ज्ञापन के समय प्रमुख रूप से नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम डी शर्मा, राष्ट्रीय महामंत्री एडवोकेट ज्ञानेन्द्र कटियार, एडवोकेट प्रशांत मिश्रा, प्रदेश कोषाध्यक्ष डॉक्टर बलबीर कपाड़िया, मण्डल अध्यक्ष एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर, मंडल महामंत्री वीरेन्द्र शर्मा, पीड़ित पत्रकार दिग्विजय सिंह, पत्रकार वीरेन्द्र कुमार, केशव तिवारी सहित दर्जनों पत्रकार व अधिवक्ता रहे शामिल ।

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