कानपुर। देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ माना जाता है, लेकिन विडंबना यह है कि इसी चौथे स्तंभ को मजबूत बनाने वाले हजारों पत्रकार अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में आर्थिक असुरक्षा और उपेक्षा का सामना करने को मजबूर हैं। इस गंभीर विषय को लेकर नेशनल मीडिया प्रेस क्लब ने केंद्र सरकार के समक्ष वरिष्ठ पत्रकारों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजना लागू करने की जोरदार मांग उठाई है।नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री एम डी शर्मा ने कहा कि पत्रकार अपने जीवन के स्वर्णिम वर्ष जनता तक सच पहुंचाने, भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करने, जनसमस्याओं को शासन तक पहुंचाने और लोकतंत्र को मजबूत बनाने में लगा देता है। लेकिन जब वही पत्रकार उम्र के अंतिम पड़ाव पर पहुंचता है तो उसके सामने आर्थिक संकट, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और सामाजिक असुरक्षा जैसी चुनौतियां खड़ी हो जाती हैं।
उन्होंने कहा कि देश में लाखों पत्रकार ऐसे हैं जिन्होंने दशकों तक पत्रकारिता के माध्यम से समाज और राष्ट्र की सेवा की, लेकिन सेवा निवृत्ति के बाद उनके लिए किसी स्थायी आर्थिक व्यवस्था का अभाव है। कई वरिष्ठ पत्रकार आज आर्थिक तंगी में जीवन व्यतीत कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है।

श्री एम डी शर्मा ने कहा कि कुछ राज्यों में पत्रकार पेंशन योजनाएं लागू हैं, जिससे वहां के वरिष्ठ पत्रकारों को राहत मिल रही है। अब समय आ गया है कि केंद्र सरकार पूरे देश के पत्रकारों के लिए एक समान और प्रभावी राष्ट्रीय पेंशन योजना लागू करे, ताकि पत्रकारों को बुढ़ापे में सम्मान पूर्वक जीवन जीने का अधिकार मिल सके।उन्होंने मांग की कि पेंशन योजना के साथ-साथ पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, पारिवारिक सहायता, चिकित्सा सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी अन्य योजनाएं भी लागू की जाएं। इससे पत्रकारों और उनके परिवारों को भविष्य की चिंता से मुक्ति मिलेगी।राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि पत्रकार केवल समाचार नहीं लिखता, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा करता है। वह सत्ता और जनता के बीच सेतु बनकर काम करता है, इसलिए उसके योगदान का सम्मान केवल शब्दों से नहीं बल्कि ठोस कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से होना चाहिए ।नेशनल मीडिया प्रेस क्लब ने देशभर के पत्रकार संगठनों, मीडिया संस्थानों और पत्रकार साथियों से इस अभियान में एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब पत्रकार समुदाय अपनी जायज मांगों को मजबूती से सरकार तक पहुंचाए। संगठन का मानना है कि यदि देश के पत्रकार एक मंच पर आकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे तो सरकार को पत्रकार हितों के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।अंत में संगठन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि पत्रकारों के सम्मान, सुरक्षा और भविष्य को ध्यान में रखते हुए शीघ्र राष्ट्रीय पत्रकार पेंशन एवं सामाजिक सुरक्षा योजना लागू की जाए, जिससे लोकतंत्र के प्रहरी कहलाने वाले पत्रकारों को भी सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन मिल सके।
